कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
Copy
92
उसने इश्क की अर्थी सज़ा दी, जो कभी इश्क़ का गुलाम था ।💯💔
Copy
19
तुझसे नाराज होकर तुझसे ही बात करने का मन, ये दिल का सिलसिला भी कभी ना समझ पाये हम!.!❤️
Copy
110
तकलीफ़ अकेलेपन से नहीं, अंदर के शोर से है…🥺🥺
Copy
38
“मशहूर होने का शोक नहीं है, लेकिन क्या करे लोग नाम से ही पहचान लेते है।” 😎😎
Copy
12
हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था
Copy
15
रास्तों ने चाहा तो फिर मिलेंगे हम, मंजिल का तो कोई इरादा नहीं लगता !😊
Copy
28
जो हमे समझ ही नहीं सका, उसे हक है हमें बुरा समझने का।😊
Copy
84
हरकते बदल दीजिए, वरना हम 😠 हालात बदल देंगे..!!
Copy
239
सपनों को पाने के लिए समझदार नहीं पागल बनना पड़ता है। 💯💯
Copy
111
मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की क्योकि शेर पैदा होते हैं बनाए नहीं जाते 🦁
Copy
50
आप सामने हो और हम हद में रहे, मोहब्बत में कोई इतना भी शरीफ नहीं होता.!
Copy
34
जिनकी हँसी खुबसूरत होती है, उनके 'ज़ख्म' काफी गहरे होते है ।
Copy
56
पुरानी होकर भी खास होती जा रही है मोहब्बत बेशर्म है जनाब बेहिसाब होती जा रही है |
Copy
25
औकात नहीं है दुश्मनो की आँख से आँख मिलाने की, और बात करते हैं साले घर से उठाने की..!!
Copy
93
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
Copy
91
तेरी मोहब्बत की हिफाज़त कुछ इस तरह की हमने, जब देखा किसी ने प्यार से नज़रें झुका ली हमने.
Copy
29
महसूस करके देखा महादेव हर पल मेरे साथ हैं दिखते नहीं कहीं पर सर पर उन्हीं का हाथ हैं
Copy
37
"बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो, जख्म तो हर इंसान देता है !!"
Copy
15
दुश्मन चाहे कितने भी हो पर दोगला यार एक भी न हो |💯
Copy
69
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
Copy
117
मेरी ज़िन्दगी में तुम शामिल हो एसे, मंदिर के दरवाजे पर मन्नत के धागे हो जैसे..!❤️❤️
Copy
66
जंगल में शेर दहाड़ता नहीं..उसकी ख़ामोशी दहसत मचाती हैं 🐅
Copy
64
मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों ही तेरे औकात से बाहर है!
Copy
20
खुद ही पागल करते हो फिर कहते हो पागल हो तुम
Copy
2K
तूने तो कहा था हर शाम गुजरेगी तेरे साथ ! तू बदल गया या तेरे शहर में शाम नहीं होती। ❤️
Copy
20
उसने ही जगत बनाया है कण-कण में वो ही समाया है दुख में भी सुख का अहसास होगा जब सिर पर शिव का साया है
Copy
198
मोहब्बत तो सिर्फ मुझे हुई थी, उसे तो तरस आया था मुझ पर।
Copy
11
अगर साथ होते वो तो जरूरत होती, अपने अकेले के लिए में कायनात क्या मांगू…
Copy
1
लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो
Copy
23